ठेकेदारी प्रथा और सुरक्षागत कारणों की अनदेखी से हो रही श्रमिकों की मौत 

मृतक श्रमिक के परिवार को 20 लाख दिये जाने की उठी मांग

सुशान्त कुमार

 

जिस तरह लावारिस जानवर की सडक़ों में मौत हो जाती है अब ठीक उसी प्रकार मजदूर और किसानों की मौत को कोई गंभीरता से नहीं लेता है। अगर खेत में मौत हो जाता है तो कर्ज का बोझ उस पर चढ़ा रहता है और यदि फैक्टरियों में उसकी मौत होती है तो उससे जुड़ी सभी जानकारियों को गायब कर दिया जाता है। अगर पहचान हो भी जाती है तो उसका कोई स्थायी रिकॉर्ड कंपनी के पास नहीं होता है क्योंकि ठेकेदारी प्रथा ने उसका भविष्य तय कर रखा है। मौत पर मुआवजा और न्याय की लड़ाई में यूनियन और न्यायालय सब मजबूर नजर आते हैं। जानकारी के मुताबिक मृतक मजदूर नारायण साहू फैक्ट्री में कांक्रीट के बिजली पोल बनाने वाले सेक्शन में काम करता था। 

बताया जा रहा है कि मृतक शनिवार शाम नारायण साहू फैक्ट्री में लोहे की तार कसने का काम कर रहा था, तभी 4 एमएम तार का गुल्ला टूटकर तेजी से नारायण के शरीर में जा घुसा। मौके पर मौजूद मजदूरों की मदद से नारायण को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। 

ओम कांक्रीट कन्स्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर मनीष पटेल ने दक्षिण कोसल को बताया कि पूरी जानकारी है, रिपोर्ट लिखा गया, पुलिस ने बयान दर्ज किया, एक्सीडेंट है। लोगों का काम है बोलना अपनी - अपनी नेतागिरी करेंगे। मुआवजा जो देना था दे दिया। इंश्योरेंश कंपनी के द्वारा बीमा दिलवा देंगे। मुआवजा के बारे में आपको क्यों बताये परिवार वालों से बात हो गई है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट मेरे पास नहीं आया है।

उन्होंने बताया कि कंपनी में सब चीज की सुरक्षा रहती है वहां पैनल भी लगे रहते हैं। दुर्घटना के बाद 5 मिनट में कार आई और 18 मिनट में अस्पताल में पहुंचा दिया गया। वहां अस्पताल वाले बोले देहांत हो गया। मैं ज्यादा नहीं बोल सकता हूं...। 

मनोज साहू जो मृतक का दामाद हैं ने दक्षिण कोसल को बताया कि  उनका देखभाल करने वाला नहीं था इसलिए आया। कंपनी में वह अपना जीवन चलाने जा रहा था। साल 2010 से कंपनी में कार्य कर रहा था। पोल बनने से ठेका में मिले रुपयों का बंटवारा हिसाब से मिलता था, इस तरह रोजी रोटी चलता था। कंपनी वाले खाने - पीने के लिये 50 हजार रुपये दिये हैं। आज तीज नहावन है। राड टूटकर लगा और खत्म हो गया। पोस्टमार्टम हुआ है। 

कंपनी का मजदूर परमानंद साहू ने बताया कि ठेके में पार्टनर में मजदूरी का काम करते हैं। पीछे कोल डालने गया था बाद में पता चला की घटना हो गई है, जो पैसा मिलता था वह तय नहीं था उसे आपस में बराबर - बराबर बांट लेते थे। सुरक्षा नहीं जानते हैं। यह घटना अचानक हो गया है तार पहले कभी नहीं आया था। 

घटना के बाद छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भीमराव बागड़े, महासचिव पूनाराम साहू अपने प्रतिनिधि मंडल के साथ पहुंचकर घटना स्थल का मुआयना किये। मोर्चा ने बताया कि जांच करने 26 फरवरी को दोपहर 12 बजे नायाब तहसीलदार देवांगन, सोमनी टी.आई. प्रवीण सिंह बघेल, श्रम निरीक्षक रत्नाकर माटे एवं सुरक्षा विभाग के जांच अधिकारी मेश्राम पहुंचे हुवे थे। 

जांच में यह बात साफ निकल कर आई है कि श्रमिकों को सुरक्षा के उपकरण नहीं मिलने के कारण मृत श्रमिक दुर्घटना का शिकार हुआ। जो वर्ष 2010 से कार्यरत् था, किंतु श्रम प्रावधानों के अनुसार श्रमिकों को हाजरी पत्रक, वेतन पर्ची नहीं दी जा रही, ना ही शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है, ना ही बैंक के माध्यम से भुगतान किया जा रहा है, भविष्यनिधि की राशि भी जमा नहीं की जा रही है।

मोर्चा ने शासन प्रशासन से मांग की है कि मृतक श्रमिक के परिवार को 20 लाख मुआवजा दिये जाए तथा दुर्घटना के जिम्मेदार कंपनी मालिक व मैनेजर की गिरफ्तारी सुनिश्चित हो।

 

राजनांदगांव में श्रमिकों की मौत की लम्बी कहानी

1. लल्लूराम में कैलाश रविदास ने खबर में बताया कि 7 जनवरी 2023 को गैंटाटोला थाना अंतर्गत आने वाले लाटमेटा के पास स्थित एक राइस मिल में गत 31 दिसंबर को 10:30 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। काम के दौरान मजदूरों पर धान की बोरी गिरने से तीन मजदूर घायल हो गए। वहीं एक की इलाज के दौरान रायपुर में मौत हो गई। 

2. ई टीवी भारत ने खबर बनाया है कि 25 मई 2022 राजनांदगांव की महिला की मौत बसंतपुर थाना क्षेत्र में एक पोहा मिल में पट्टा चढ़ाने के दौरान हो गई। महिला की साड़ी मशीन में फंस गई थी, जिसके कारण महिला मशीन की चपेट में आ गई। मौके पर ही महिला की मौत हो गई।  

3. 11 मार्च 2022, खैरागढ़ से प्रकाशित नईदुनिया ने लिखा है कि ग्राम मदनपुर में मनरेगा में कार्य करने के दौरान मजदूर की मौत हो गई। मनरेगा के तहत मदनपुर में तालाब गहरीकरण किया जा रहा था। 50 वर्षीय ढालसिंह साहू तालाब गहरीकरण में लगे थे। अचानक गश खाकर गिर गए। अन्य श्रमिकों ने आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। 

 4. पत्रिका 1 फरवरी 2021 छापा है कि राजनांदगांव ब्लाक अंतर्गत ग्राम सोमनी स्थित कमल सॉल्वेंट में 35 फीट की ऊंचाई से गिरने से मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। मजदूर कुबेर साहू पिता पुरानिक राम साहू (20 वर्ष) बालोद जिले के माहुद गांव का निवासी था। सूचना के बाद पुलिस अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच में जुट गई। वहीं कंपनी द्वारा मृत परिवार के परिजनों को 8 लाख मुआवजा राशि के साथ अंतिम संस्कार कार्यक्रम के लिए 25 हजार रुपए देने की जानकारी सामने आई है।

5. न्यूज 18 हिन्दी ने 16 दिसम्बर 2020 ने खबर बनाया है कि छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में निर्माणाधीन निजी अस्पताल का स्लैब गिरने से वहां कार्यरत छह मजदूर इसके नीचे दब गए। इस हादसे में एक महिला मजदूर ज्योति साहू है जो जंगलेश्वर की रहने वाली थी, की मौत हो गई। 

6. ई टीवी भारत ने 23 सितॅबर 2020 को अपने खबर मेंं बताया है कि राजनांदगांव डोंगरगांव के धनलक्ष्मी पेपर मिल प्रबंधन की लापरवाही के कारण एक मजदूर की मौत हो गई। वहीं प्रबंधन ने देर रात तक घटना की सूचना मृतक के परिजनों को नहीं दी। जबकि घटना की जानकारी मिलते ही मजदूरों और युवाओं ने धनलक्ष्मी पेपर मिल गेट पर हंगामा किया।

7. नई दुनिया ने 3 सितम्बर 2020 प्रकाशित किया है कि जब कोपेडीह निवासी 40 वर्षीय उदयलाल पिता भुनुलाल साहू सुबह करीब सात से आठ बजे के बीच रोज की तरह मगरटोला की अंबे भवानी फेब्रिकेशन वर्क्स लिमिटेड कंपनी में काम कर रहा था। तभी सात-आठ टन के लोहे का बीम उसके ऊपर गिर गया। हादसे में उदय गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। उसे आनन-फानन में भिलाई के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उदय को रायपुर रामकृष्ण केयर रेफर करा दिया। रायपुर में उदय का इलाज चल रहा था। उदय की इलाज के दौरान मौत हो गई।

बहरहाल देखना बाकी है कि क्या कंपनी मालिक संदीप पटेल और मैनेजर मनीष पटेल प्रभावित परिवार को उचित मुआवजा के साथ उनके परिवार के आश्रित को नौकरी दे पाते हैं? क्या मोर्चा उस परिवार को न्याय दिलाने में सक्षम हो पाते हैं? इन सारे सवालों के साथ महत्वपूर्ण सवाल यह कि मजदूरों की जीवन की सुरक्षा के लिये क्या श्रम कानूनों में कोई बदलाव आता है या फिर श्रमिकों का भविष्य यूं ही शोषण की चाकी में खत्म होती चली जाएगी। 

फोटो साभार- अखिलेश खोब्रागड़े, पत्रकार


Add Comment

Enter your full name
We'll never share your number with anyone else.
We'll never share your email with anyone else.
Write your comment

Your Comment