शहीद अस्पताल ने छेड़ा टीबी मुक्त दल्ली राजहरा अभियान
शैबाल जाना, सुनिता सिन्हा, शहीद अस्पतालशहीद अस्पताल पिछले 6- 7 साल से अपने घर, पड़ोस मोहल्ला, गाँव, शहर, को टीबी से मुक्त करने के लिए कार्यक्रम चला रखा है। हमारा लक्ष्य है आनेवाले पांच साल तक अपने गाँव अपने शहर को टीबी से मुक्त करना है। अस्पताल का अनुभव है कि पिछले 40 वर्षो से कई टीबी के मरीज को देखा है, जाना है और समझा है। उसमें से कई लोग हमे गंभीर तथा टीबी के आख़िरी स्थिति में मिलेऔर कुछ लोगों का फेफड़ा पूरी तरह से जीवन भर के लिए खराब हो गया।जिसके कारण कई लोगों को मृत्यु का भी सामना करना पड़ा है।

हम टीबी मुक्त लक्ष्य रख कर इसकी शुरुवात हमारे आस पास के दो तीन ब्लॉक के गाँव में घर घर जाकर लोगों को टीबी बीमारी के बारे में सही जानकारी देने से लेकर वहां के युवक युवतियों को टीबी के बलगम की पट्टी को पूरी सुरक्षा के साथ कैसे लेना है, कैसे उसको बनाना और अस्पताल तक कैसे पहुंचाना है।
यह सब सिखाया गया जिसमें हमारा एक श्लोगन था-"टीबी भगाबो, गाँव बचाबो, " कार्य -क्रम हमारे गाँव के साथियों ने टीबी मुक्त देश बनाने से पहले अपने घर गाँव को टीबी मुक्त करना उचित समझा और हमारा सहयोग भी दिया, स्कूल के बच्चे और बड़े बुजुर्ग सभी को टीबी बीमारी के बारे मे समझाया बताया।
अभी हम टीबी मुक्त दल्ली राजहरा लक्ष्य लेकर काम कर रहे हैं' जिसके लिए शहीद अस्पताल के डाॅक्टर्स, नर्स और अन्य कार्यकर्ता हेल्थ वर्कर्स तथा कुछ महिला डाॅक्टर की टीम बाहर से जिनमें कुछ बस्तर सम्भाग और कुछ रायपुर के कुछ समय अपना निकाल कर इस योजना में सामिल हुए।
सभी रोज सुबह शाम दल्ली राजहरा के हर एक वार्ड में जाकर टीबी की जानकारी देने के साथ किसी भी व्यक्ति को इस बीमारी से ग्रसित होने की खबर मिलते ही तुरंत उसका ईलाज भी शुरू किया जा रहा है। जिससे उसे पूर्ण रूप से स्वस्थ करने के कार्य कर रहे हैं।
अब तक हमने स्कूल, नगरपालिका, वार्ड, रेल्वे कोचिंग सेंटर तक जा चुके है, रोज सुबह हमारे घर का कचड़ा उठाने वाले बहनों तथा भाईयोंको भी इसकी जानकारी दी गई क्योंकि टीबी का खतरा सबको है वो किसी को भी नहीं जानता, बड़े ,बुजुर्ग, बच्चे, स्त्री, पुरुष, गर्भवती माँ किसी को भी नहीं।
अभी हमारा लक्ष्य टीबी मुक्त दल्ली राजहरा बनाने के लिए अगले पांच साल तक काम करना है। हम अपने इस अभियान को अभी और आगे स्कूल कॉलजे तक एक पाठ्यक्रम के रूप मे ले जाना चाहते हैं ताकि टीबी के संक्रमण को पूर्णता रोक सके।
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