देशव्यापी हड़ताल में मेहनतकशों का जंगी प्रदर्शन
द कोरस टीमछत्तीसगढ़ के सभी जिलों में केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का आगाज किया गया। राजनांदगांव के रेल्वे स्टेशन के ऑटो स्टैंड में स्वच्छता दीदी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, रसोईया, बीमा, पोस्टल तथा छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा (छ.मु.मो.) समर्थक कारखाने के श्रमिक सुबह 10 बजे इस विशाल प्रदर्शन में इकट्ठे होकर रैली निकाली और कलेक्टर के सामने प्रदर्शन कर मांग पत्र मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।

छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भीमराव बागड़े ने कहा कि रेलवे स्टेशन से संयुक्त ट्रेड युनियन के प्रतिनिधि में भीमराव बागड़े के नेतृत्व में छमुमो, सीटू के गजेन्द्र झा, जिला किसान संघ के प्रमुख सुदेश टीकम, एल.आई.सी. से प्रवीण मेश्राम के नेतृत्व में एक विशाल रैली प्रारंभ हुई जो पोस्ट आफीस चौक से कामठी लाईन, हलवाई लाईन, मानव मंदिर, जय स्तंभ चौक से होकर ईमाम चौक, जी. ई. मार्ग होकर जिला कार्यालय पंहुंचकर सभा के रूप में परिणित हुई।
छमुमो के महासचिव पुनाराम ने बताया कि रैली में निजीकरण बंद करो, रेल्वे, बैंक - बीमा बेचना बंद करो, श्रम कानूनों में किया गया संशोधन रदद करने, मानदेयी कर्मियों को नियमित करने तथा निगम में स्वच्छता दीदीयों का डेढ़ करोड़ कबाडी घोटाला करने वाले निगम अधिकारियों को गिरफ्तार करने जैसे बुनियादी मांगों को प्रमुखता के साथ बुलंद किया गया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देश के किसानों ने आंदोलन किये थे, प्रधानमंत्री द्वारा कृषि कानूनों को वापस लिया गया किंतु किसानों पर बनाये गये फर्जी मामले वापस नहीं लिया गया, समर्थन मूल्य गारंटी भी नहीं किया गया। किसानों से वादा खिलाफी किया गया। कार्पोरेट घरानों के हितों के लिए केंद्र सरकार द्वारा 44 श्रम कानूनों में से मात्र 4 श्रम कोड बनाया गया, जो देश मजदूरों को गुलामी की ओर धकेल रहा है।
8 घण्टे के कानून को समाप्त कर 12 घंटे का किया गया। जो शर्मनाक है, श्रमिकों के लिये न्यूनतम वेतन लागू नहीं किया जा रहा है। 5 राज्यों के चुनाव बाद डीजल, पेट्रोल के दाम बढ़ाये जा रहे हैं। जिससे महंगाई बढ़ गई है। देश का अमीर और अमीर होते जा रहा है तथा गरीब और भी गरीब होता जा रहा है। रोजगार छिना जा रहा इसलिए ये सरकार सत्ता में रहने लायक नहीं है किंतु ई. वी. एम. मशीन के आलावा सी.बी.आई. व अन्य जांच एजेंसी द्वारा सरकार चलायी जा रही है। इसलिए तमाम महेनतकशों को एक मंच बनाकर लडऩे की आवश्यकता है।
उन्होंने राज्य सरकार ललकारते हुवे कहा कि स्वच्छता दीदीयों का मानदेय वर्ष 2019 में 6000 रूपये किया गया किंतु इन तीन वर्षों में नहीं बढ़ाया गया। इसलिए मानदेय कर्मी स्वच्छता दीदी, मितानिन, आंगनबाड़ी आदि सभी के वेतन में वृद्धि कर 10 हजार रुपये किया जावें तथा इन कर्मियों को भविष्य निधि व बीमा का लाभ दिये जाने की मांग किये गये। सभा के दौरान नायक तहसीलदार के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति तथा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा गया।
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