खैरागढ़ विधान सभा उपचुनाव: 12 अप्रैल को वोटिंग, 16 अप्रैल को मिलेगा विधायक

आज से आदर्श आचार संहिता लागू

द कोरस टीम

 

निर्वाचन आयोग ने चार राज्यों की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया है। इसमें छत्तीसगढ़ की खैरागढ़ विधान सभा सीट भी है। यह सीट जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के विधायक देवव्रत सिंह के निधन से खाली हुई है।

निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक अनारक्षित सीट, विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 73 के लिये उप चुनाव की प्रक्रिया 17 मार्च को अधिसूचना के प्रकाशन से शुरू हो जाएगा। उसी दिन से नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। नामांकन की आखिरी तारीख 24 मार्च निर्धारित की गई है। 25 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। 28 मार्च तक प्रत्याशियों को अपने नाम वापस लेने का मौका दिया जाएगा।

उसके बाद वैध प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया जाएगा। खैरागढ़ सीट पर मतदान 12 अप्रैल को होना है। 16 अप्रैल को मतगणना और परिणाम जारी होंगे और इस दिन खैरागढ़ को अपना विधायक मिल जाएगा। 

2018 में हुए विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के देवव्रत सिंह ने इस सीट पर भाजपा के कोमल जंघेल को केवल 870 वोटों के अंतर से हराया था। नवम्बर 2021 में देवव्रत सिंह का निधन हो गया। इसके बाद से यह सीट खाली है। भाजपा हर हाल में यह सीट जीतने की कोशिश में हैं ताकि स्थानीय चुनाव में हार का सिलसिला तोड़ा जा सके। वहीं प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता होने के कारण कांग्रेस हर हाल में इस सीट पर अपना कब्जा करने की कोशिश करेगी जबकि भाजपा भगवा लहराने की फिराक में है लेकिन असली फैसला तो मतदाता ही करेंगे। 

291 मतदान केंद्रों पर डाले जाएंगे वोट

छत्तीसगढ़ की अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी शिखा राजपूत तिवारी ने बताया कि खैरागढ़ उप चुनाव के लिए 291 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें से 54 मतदान केंद्र अति संवेदनशील हैं। 86 राजनैतिक संवेदनशील और 10 संवदेनशील मतदान केन्द्र हैं। जिले में मतदान की पूरी तैयारी कर ली गई है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखकर भी सुविधा जुटाई गई है।

 

आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू 

निर्वाचन आयोग ने बताया कि चुनाव का कार्यक्रम जारी होते ही इस विधान सभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। यह आचार संहिता राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ क्षेत्र में लागू होगी। चुनाव पूरा होने तक सरकार खैरागढ़ को लेकर कोई नई घोषणा नहीं कर पाएगी।

तीसरी बार होगा उपचुनाव

खैरागढ़ विधानसभा के लिए तीसरी बार उपचुनाव होगा। इससे पहले दो बार यहां विधानसभा के उपचुनाव हो चुके हैं। पहली बार विधायक रही रानी रश्मिदेवी सिंह के आकस्मिक निधन के बाद 1994 में उपचुनाव हुए थे, जिसमें देवव्रत सिंह कांग्रेस से चुनाव लडक़र विधायक के रूप में अपना राजनीतिक जीवन शुरू किया था। दूसरी उपचुनाव देवव्रत सिंह के 2007 में सांसद उपचुनाव में राजनांदगांव लोकसभा से सांसद चुने जाने के बाद खाली हुए विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव हुआ था।

अब देवव्रत सिंह के निधन से खाली हुई इस विधानसभा सीट में उपचुनाव होगा। शनिवार को विधानसभा उपचुनाव के ऐलान केे बाद खैरागढ़ विधानसभा में आचार संहिता भी लागू हो गई है। 2018 विधान सभा चुनाव के दौरान इस निर्वाचन क्षेत्र में मतदान केन्द्रों की संख्या 277 थी। वर्तमान स्थिति में निर्वाचन क्षेत्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,11,540 है, जिसमें 1,06290 तथा महिला 1,05250 हैं। 

इन राज्यों में भी होने हैं चुनाव

निर्वाचन आयोग ने जिन चार राज्यों में उप चुनाव का कार्यक्रम जारी किया है उनमें छत्तीसगढ़ के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र शामिल है। पश्चिम बंगाल में आसनसोल और बालीगंज में उप चुनाव होना है। बिहार के बोचाहन और महाराष्ट्र के कोल्हापुर उत्तरी में भी खैरागढ़ के साथ ही उप चुनाव होना है।


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