रविन्द्र चौबे के निवास पर नई राजधानी प्रभावित किसान समिति के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा

31 जनवरी को किसान मनाएंगे "विश्वासघात दिवस"

द कोरस टीम

 

31 जनवरी को किसान मनाएंगे "विश्वासघात दिवस"। डॉ भीमराव अंबेडकर प्रतिमा के पास घड़ी चौक रायपुर में 12.30 बजे सोमवार को होगी प्रदर्शन।  

संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली द्वारा 31 जनवरी को देश भर में "विश्वासघात दिवस" मनाने का आह्वान किया गया है। जिला और तहसील स्तर पर कोविड दिशानिर्देश के तहत यह प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।  

उम्मीद है कि यह कार्यक्रम देश के कम से कम 500 जिलों में आयोजित किया जाएगा। 

उक्त आशय की जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य और अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया कि किसानों के साथ हुए धोखे का विरोध करने के लिए दिल्ली के सिंघु बॉर्डर में हुए संयुक्त किसान मोर्चा की  15 जनवरी की अपनी बैठक में यह फैसला किया था। इन प्रदर्शनों में केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन भी दिया जाएगा। 

किसानों का एनआरडीए भवन के सामने धरना 27 वें दिन भी जारी 

 छत्तीसगढ़ के विभिन्न किसान, मजदूर एवं नागरिक संगठनों ने किया आंदोलन का समर्थन 

नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति नवा रायपुर के बैनर तले 3 जनवरी को  राजधानी प्रभावित ग्रामों के  हजारों किसानों व ग्रामीणों ने अपने लंबित मांगों के लिए आंदोलन का शंखनाद किया है जो एन आर डी ए भवन के सामने ही टेंट लगाकर रात दिन का अनिश्चित कालीन धरना 27 वें भी जारी रहा। 

इन संगठनों ने किया है आंदोलन का समर्थन 

जारी आंदोलन की धरना सभा को अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव एवं छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही, किसान खेत मजदूर संगठन के संयोजक ठाकुर रामगुलाम सिंह, ओबीसी संगठन के संयोजक डॉ ईश्वरदान आसिया,  अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सहसचिव ललित कुमार साहू, जागो किसान आंदोलन के संयोजक रघुनंदन साहू, संयुक्त किसान मोर्चा के अनिल दुबे। 

छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला, छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं निवेशक कल्याण संघ के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण चन्द्राकर,  तत्पर के संयोजक व पूर्व विधायक वीरेन्द्र पाण्डेय, सरपंच संघ के अध्यक्ष सुजीत गिधोड़े, जिला पंचायत सदस्य माखन कुर्रे,  सामाजिक कार्यकर्ता वेगेन्द्र सोनबेर,नाज़िमखान, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहन बंजारे, अनिल धृतलहरे जगमोहन धृतलहरे, गौरव शर्मा सहित सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों व जन प्रतिनिधियों  सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि समर्थन में उपस्थित होकर संबोधि करते हैं। 

इन मांगों को लेकर जारी है किसान आंदोलन 

 नया रायपुर पुनर्वास योजना के अनुसार अर्जित भूमि के अनुपात में उद्यानिकी/ आवासीय/व्यवसायिक भूखंड पात्रतानुसार निःशुल्क मिलने के प्रावधान का पालन किया जाना चाहिए। भू अर्जन कानून 1894 के अंतर्गत हुए अवार्ड में भूस्वामियों को मुआवजा प्राप्त नहीं हुए हैं उन्हें बाजार मूल्य से 4 गुणा मुआवजा मिलनी चाहिये। नवा रायपुर क्षेत्र में ग्रामीण बसाहट का पट्टा मिलना चाहिए। वार्षिकी राशि का पूर्ण रूपेण आबंटन किया जाना चाहिए।

पुनर्वास पैकेज 2013 के तहत सभी वयस्कों को 1200 वर्गफीट मिलने वाली भूखंड दिया जाए। साल 2005 से भूमि क्रय विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाए। गुमटी, चबूतरा, दुकान, व्यवसायिक परिसर में दुकान जो आबादी से सटी हुई है जिसे 75 प्रतिशत प्रभावितों को लागत मूल्य पर देने के प्रावधान का पालन किया जाए।

26 जनवरी को विशाल ट्रेक्टर रैली के बाद मुख्यमंत्री ने किया मंत्री स्तरीय समिति का गठन 

किसान आंदोलन के 24 वें दिन अर्थात 26 जनवरी को किसानों ने दिल्ली किसान आंदोलन के तर्ज पर नया रायपुर क्षेत्र में विशाल ट्रेक्टर रैली निकाल कर अपना विरोध जताया। 27 जनवरी को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आंदोलनकारी किसानों की प्रतिनिधि मंडल से चर्चा करने कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे की अध्यक्षता में केबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर और डॉ शिव डहरिया के साथ कमेटी का गठन किया।

जिनके द्वारा 29 जनवरी को किसान प्रतिनिधियों रूपन लाल चन्द्राकर, कामता रात्रे, फुलेश बारले, ललित यादव, आनंद राम साहू, गिरधर पटेल और विनोद अग्रवाल के साथ करीब तीन घंटे तक चर्चा की गई। इस दौरान अभनपुर विधायक धनेन्द्र साहू, प्रशासनिक अधिकारी सुब्रत साहू अपर मुख्य सचिव, सौरभ कुमार कलेक्टर रायपुर, अय्यास तम्बोली मुख्य कार्यपालन अधिकारी नया रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) उपस्थित रहे। 

बैठक में सौहार्दपूर्ण चर्चा करते हुए  समिति प्रतिनिधि द्वारा साल 2013 में सरकार द्वारा गठित सशक्त कमेटी की 12वें बैठक में आदेशित निर्णयों को बिन्दुवार  चर्चा किया गया जो मुख्यतः इस प्रकार हैं- 

1.  सन्- 2005 से स्वतंत्र भू
     क्रय- विक्रय पर लगे प्रतिबंध
     को तत्काल प्रभाव से हटाने
      हेतु ।

2.  प्रभावित   27 ग्रामों को
     घोषित नगरीय क्षेत्र की
     अधिसूचना निरस्त हेतु ।

3.   सम्पूर्ण ग्रामीण  बसाहट का
      पट्टा दिया जाए ।

4.   प्रभावित क्षेत्र के  प्रत्येक
      वयस्क ( 18 साल से ऊपर)
      को 1200 वर्ग  फीट         
      विकसित भूखण्ड का वितरण 

5.   आपसी सहमति/ भू- अर्जन,
      1894 के तहत अर्जित भूमि के अनुपात में नि: शुल्क आबंटन ।

6.   अर्जित भूमियों पर वार्षिकी राशि का भुगतान तत्काल दिया जाए ।

7.   सशक्त समिति की 12वीं बैठक के निर्णयों का पूर्णतया  पालन हो ।

8.   मुआवजा प्राप्त नहीं हुए भू- स्वामियों को 4 गुणा मुआवजा का प्रावधान हो ।

 मांगे पूरी होने तक जारी रहेगा  आंदोलन

नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चन्द्राकर ने बताया कि मांगों के संबंध में छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार के साथ अब तक 12 दौर की चर्चा हुई है और उसमें किसानों के पक्ष में निर्णय भी लिए जा चुके हैं लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है।  

राज्य सरकार नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एन आर डी ए) प्रबंधन को जब तक परिपालन नहीं कराया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसके लिए दिल्ली सीमाओं के तर्ज पर किसानों द्वारा धरना स्थल पर रहने खाने की व्यवस्था किया गया है।


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