राजधानी प्रभावित किसानों का एनआरडीए भवन के सामने धरना

जागेश्वर जुगनू चंद्राकर

 

नया रायपुर पुनर्वास योजना के अनुसार अर्जित भूमि के अनुपात में उद्यानिकी/ आवासीय/व्यवसायिक भूखंड पात्रतानुसार निःशुल्क मिलने के प्रावधान का पालन किया जाना चाहिए। भू अर्जन कानून 1894 के अंतर्गत हुए अवार्ड में भूस्वामियों को मुआवजा प्राप्त नहीं हुए हैं उन्हें बाजार मूल्य से 4 गुणा मुआवजा मिलनी चाहिये।

नवा रायपुर क्षेत्र में ग्रामीण बसाहट का पट्टा मिलना चाहिए। वार्षिकी राशि का पूर्ण रूपेण आबंटन किया जाना चाहिए। पुनर्वास पैकेज 2013 के तहत सभी वयस्कों को 1200 वर्गफीट मिलने वाली भूखंड दिया जाए।

साल 2005 से भूमि क्रय विक्रय पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाया जाए। गुमटी, चबूतरा, दुकान, व्यवसायिक परिसर में दुकान जो आबादी से सटी हुई है जिसे 75 प्रतिशत प्रभावितों को लागत मूल्य पर देने के प्रावधान का पालन किया जाए।

किसानों को समर्थन देने छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ की संयोजक मंडल सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्य महासमुंद जागेश्वर जुगनू चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न किसान, मजदूर एवं नागरिक संगठनों ने आंदोलन का समर्थन किया है।  

इन संगठनों ने किया है आंदोलन का समर्थन 

धरना सभा  को संबोधित कर किसान खेत मजदूर संगठन के संयोजक ठाकुर रामगुलाम सिंह, ओबीसी संगठन के संयोजक डॉ ईश्वरदान आसिया,   अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सहसचिव ललित कुमार साहू, अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के सचिव एवं छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ के संचालक मंडल सदस्य तेजराम विद्रोही, जागो किसान आंदोलन के संयोजक रघुनंदन साहू, संयुक्त किसान मोर्चा के अनिल दुबे,  छत्तीसगढ़ बचाओ आंदोलन के संयोजक आलोक शुक्ला, छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं निवेशक कल्याण संघ के अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण चन्द्राकर एवं कोषाध्यक्ष किसन साहू, तत्पर के संयोजक व पूर्व विधायक वीरेन्द्र पाण्डेय, सरपंच संघ के अध्यक्ष सुजीत गिधोड़े, जिला पंचायत सदस्य माखन कुर्रे,  सामाजिक कार्यकर्ता वेगेन्द्र सोनबेर,नाज़िमखान, प्रगतिशील छत्तसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष मोहन बंजारे, अनिल धृतलहरे जगमोहन धृतलहरे, गौरव शर्मा सहित सभी ग्राम पंचायतों के सरपंचों व जन प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। 

कोटराभांठा के किसान ने किसानों को पिलाया छै सौ लीटर दूध 

नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चन्द्राकर ने बताया कि मांगों के संबंध में छत्तीसगढ़ की तत्कालीन भाजपा और वर्तमान कांग्रेस सरकार के साथ अब तक 12 दौर की चर्चा हुई है और उसमें किसानों के पक्ष में निर्णय भी लिए जा चुके हैं लेकिन उनका पालन नहीं किया जा रहा है।  

राज्य सरकार नया रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) प्रबंधन को जब तक परिपालन नहीं कराया जाएगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा और इसके लिए दिल्ली सीमाओं के तर्ज पर किसानों द्वारा धरना स्थल पर रहने खाने की व्यवस्था किया जा रहा है।

इस कड़ी में गांव से चावल, सब्जी की व्यवस्था की जा रही है। कोटराभांठा के किसान सखाराम यादव द्वारा किसानों को छै सौ लीटर दूध उपलब्ध कराई गई जिसे सभा स्थल पर किसानों को पिलाया गया।


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