चिटफंड कंपनी के निवेशकों को 2 करोड़ 46 लाख रूपए की राशि लौटाई गई

द कोरस टीम

 

बघेल ने आज वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से चिटफंड कंपनी याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड राजनांदगांव के 16 हजार 796 निवेशकों को 2 करोड़ 46 लाख रूपए उनके खाते में अंतरित की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि चिटफंड कंपनी द्वारा धोखाधड़ी हुए निवेशकों को न्याय दिलाने के लिए शासन लगातार हरसंभव प्रयास कर रही है।

चिटफंड की संपत्ति को कुर्क करके पैसा वापस करने का कार्य छत्तीसगढ़ राज्य में हुआ है। अब तक 9 करोड़ 78 लाख 95 हजार रूपए निवेशकों के खाते में हस्तांतरित किया गया है। 16 हजार 796 निवेशकों के खाते में 7 करोड़ 32 लाख 95 हजार रूपए की राशि लौटाई गई।

आज 2 करोड़ 46 लाख रूपए की राशि निवेशकों के खाते में अंतरित की गई। चिटफंड कंपनियों की संपत्ति कुर्की करने की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया निरंतर राजनांदगांव जिले के अलावा अन्य जिलों में भी त्वरित कार्रवाई करके निवेशकों के पैसों को वापस दिलाने के लिए जारी रही है।

इसके लिए चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी प्रॉपर्टी की कुर्की और नीलामी कर उससे प्राप्त होने वाली राशि निवेशकों को वापस दी जा रही है।

कलेक्टर तारन प्रकाश सिन्हा ने बताया कि चिटफंड कंपनियों के विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा उनके अचल संपत्तियों की पहचान कर कुर्की की कार्रवाई करके निवेशकों को निवेश की राशि लौटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि याल्स्को रियल स्टेट एण्ड एग्रो फार्मिंग लिमिटेड की राजनांदगांव जिले में स्थित कुल 284.55 एकड़ भूमि की नीलामी की गई है।

जिससे प्राप्त राशि को निवेशको के खाते में अंतरित की गई है। उन्होंने बताया कि चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों के ऊपर अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। चिटफंड कंपनी शुभ साईं इंडिया लिमिटेड की डोंगरगढ़ तहसील के ग्राम घोटिया में 10 एकड़ जमीन कुर्क की गई है। उन्होंने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित अंतिम आदेश के तहत मटिया गांव में 3 एकड़ तथा हरडूआ में आधा एकड़ जमीन की नीलामी की कार्रवाई दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में की जाएगी और इससे प्राप्त होने वाली राशि चिटफंड कंपनी के निवेशकों को वापस लौटाया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक डी श्रवण ने बताया कि राजनांदगांव जिले में 31 चिटफंड  केस पंजीकृत हुए है। इसके अंतर्गत एक प्रकरण में दो डायरेक्टर को सजा भी हुई है। 61 डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि चिटफंड कंपनी के केस को प्राथमिकता से निराकरण किया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हितग्राहियों से बात की। डोंगरगढ़ विकासखंड की ग्राम कोलिहापुरी निवासी शारदा बाई साहू ने बताया कि वर्ष 2012 में चिटफंड कंपनी में राशि निवेश किए थे। कंपनी ने 5 वर्ष में राशि दोगुना का वादा किया था। लेकिन अभी तक कंपनी द्वारा कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है।

शासन और प्रशासन के प्रयासों से अब तक 2 लाख रूपए की राशि उन्हें प्राप्त हो चुकी है। बेटी ने फोन पर बताया कि आज 50 हजार रूपए की राशि खाते में आ गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद दिया। खैरागढ़ विकासखंड के ग्राम प्रकाशपुर निवासी  पुनूराम साहू ने बताया कि पैसा दोगुना करने के लिए चिटफंड कंपनी में निवेश किया था। जिससे अपना घर बना सकूं। लेकिन पैसा नहीं मिलने से घर अभी भी अधूरा है।

खाते में राशि के अंतरण से अब घर पूरा हो सकेगा। उन्होंने बताया कि अब तक 20 हजार रूपए मिल चुका है। राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम उपरवाह निवासी बाहरू राम साहू ने बताया कि खेती-किसानी का कार्य करते हैं। अब तक उन्हें 1 लाख 20 हजार रूपए का प्राप्त हो चुका है। पहले 90 हजार रूपए मिला था और आज 30 हजार रूपए प्राप्त हुआ।

उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति आभार व्यक्त किया। डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम घोरदा निवासी हरिराम के पुत्र ने कहा कि पहले 65 हजार रूपए की राशि मिली थी और आज 21 हजार रूपए की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद नहीं थी कि चिटफंड कंपनी में डूबी यह रकम वापस मिलेगी। लेकिन आपके प्रयासों से राशि वापस मिलने से खुशी मिली है। उन्होंने कहा कि पैसा वापस मिलने से और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत मिले धान के पैसे से ट्रेक्टर खरीदेंगे।

इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ लोकेश चंद्राकर, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रज्ञा मेश्राम, एसडीएम राजनांदगांव अरूण कुमार वर्मा एवं अन्य अधिकारी सहित निवेशक वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।


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