स्टेन स्वामी पर झारखंड में कई कार्यक्रम
स्टेन स्वामी जैसे सदियों बाद लेते हैं जन्म, याद रखेंगी पीढ़ियां - हेमंत सोरेन
विशद कुमार, स्वतंत्र पत्रकारआज स्टेन स्वामी को लेकर झारखंड में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज 15 जुलाई 2021 को शहीद फादर स्टैन स्वामी की मौत की घटना की न्यायिक जांच की मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष वाम लोकतांत्रिक दलों की ओर से एक आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया गया, वहीं फादर स्टेन स्वामी की स्मृति में आयोजित एक सभा में भाग लेकर झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फादर स्टैन पर अपने विचार रखे।

"झारखंड शहादत देने में पीछे नहीं रहा। भगवान बिरसा मुंडा से लेकर फादर स्टेन स्वामी तक के जीवन को राज्यवासियों ने देखा है। फादर स्टेन स्वामी दलित, वंचित और आदिवासी समाज के प्रति सदैव संवेदनशील रहे है।" यह उद्गार है रांची के नामकुम बागाईचा में फादर स्टेन स्वामी की स्मृति में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का।
मुख्यमंत्री ने बताया कि "जब फादर से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात हुई थी, तब यह पता नहीं था कि वे अपने जीवन काल में एक अमिट लकीर खींचते आ रहे हैं।"
सदियों बाद ऐसे लोगों का जन्म होता है
हेमंत सोरेन ने कहा कि "फादर स्टेन स्वामी का जीवन आसान नहीं था और वे साधारण व्यक्ति भी नहीं थे। अपने जीवन में उन्होंने हमेशा लोगों को रास्ता दिखाने का कार्य किया था। युगों बाद ऐसे लोग आते हैं, जिनके द्वारा किये गए कार्यों की छाप कभी नहीं मिटती।" मुख्यमंत्री ने कहा कि "जीवन है, तो मृत्यु भी है, लेकिन इस जीवनकाल में हमें सकारात्मक कार्य कर विदा लेना चाहिए"
मुख्यमंत्री ने कहा कि "दलितों, वंचितों और आदिवासी समाज की भौतिकवादी युग में विकास की रफ्तार कम है। इसे बढ़ाने की जरूरत है। मैं अकेले यह कार्य नहीं कर सकता। इसके लिए सभी को व्यक्तिगत प्रयास करना होगा। हालांकि सरकार किसी भी योजना को दलित, वंचित और आदिवासियों की सहभागिता को ध्यान में ही रखकर धरातल पर उतारती है। सरकार इनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्राथमिकता दे रही है"
स्मृति सभा में आर्च विशप एसजे रांची, एसएफएक्स थिओडोर मस्कारेन्हास, एसएफएक्स, ऑक्सीलिरी बिशप टेलोस्फर बिलुंग जमशेदपुर, फादर अजित खेस, फादर संतोष मिंज, फादर टोनी, प्रोवेनशियल, सिस्टर जनरल, सरना समिति के प्रतिनिधिगण समेत अन्य कई उपस्थित थे।
फादर स्टैन स्वामी की मौत की न्यायिक जांच कराएं केंद्र सरकार - बृंदा करात
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत आज 15 जुलाई 2021 को शहीद फादर स्टैन स्वामी की मौत की घटना की न्यायिक जांच की मांगों को लेकर राजभवन के समक्ष बाम लोकतांत्रिक दलों की ओर से एक आक्रोश पूर्ण प्रदर्शन किया गया
कार्यक्रम शहीद चौक, जिला स्कूल मैदान से सीपीआई एम के पोलितब्यूरो की सदस्य व पूर्व सांसद बृंदा करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव व पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, भाकपा माले विधायक विनोद सिंह के नेतृत्व में पुलिसवालों के बंदिशों के बाद ब्रेकिंग को तोड़कर गगनभेदी नारों के साथ मार्च के साथ शहर का भ्रमण करते हुए राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया गया।
जुलुस प्रदर्शन के बाद सभा तब्दील हो गई। सभा की अध्यक्षता सामाजिक कार्यकर्ता दयामणि बरला ने की। भुवनेश्वर केवट ने संचालन किया।
सभा को संबोधित करते हुए महिला नेत्री बृंदा करात ने कहा "केंद्र की सरकार विरोधियों की आवाज को दबाने के लिए एक साजिश के तहत फादर स्टैन स्वामी को फर्जी मुकदमों में फंसा कर जेल भेजा, जहां पर उनकी बगैर इलाज की मौत हो गई।
साजिश का पर्दाफाश करने के लिए देश के तमाम जनवादी संगठनों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, पत्रकारों बुद्धिजीवियों ने विरोध किया है।" उन्होंने अपील किया कि "फादर स्टैन स्वामी के मामलों को न्यायिक जांच केंद्र सरकार नहीं कराती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।"
हजारीबाग के पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा "केंद्र की सरकार जब से सत्ता में आई है, तब से लगातार सरकार के विरुद्ध आवाज उठाने वाले लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से फर्जी मुकदमों में फंसाया जा रहा है। जिस तरह से फादर स्टैन स्वामी झारखंड की जल, जंगल, जमीन की लड़ाई लड़ रहे थे, देश के कारपोरेट घराने के लोग राज्य के खनिज संपदाओं के ऊपर कब्जा जमाने के लिए कई हथकंडे अपना रहे थे।
फादर स्वामी के मौत जल, जंगल, जमीन की आवाज उठाने वाले को दबाव बनाने के लिए साजिश है।" उन्होंने अपील किया कि "राज्य के प्रत्येक जिलों के गांव गांव में आवाज को बुलंद करने की जरूरत है।"
भाकपा माले के विधायक विनोद सिंह ने कहा कि "केंद्र की सरकार विरोध और असहमति के स्वर को साजिश पूर्ण तरीके से दबाना चाह रही है। सर्वोच्च न्यायालय के सुझावों के बावजूद संवैधानिक वसूलों के विपरीत जन विरोधी कानूनों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा हैं।
फादर स्टैन स्वामी इसी साजिश का शिकार हुए है। फादर की मौत की न्यायिक जांच राज्य सरकार भी अपने स्तर से कराएं, इसकी की मांग हम सदन में भी उठाएंगे। फादर की मौत से उपजे आक्रोश को अंजाम तक पहुंचाएंगे। देश में अघोषित आपातकाल के विरुद्ध आंदोलन और तेज होगा।"
सभा स्थल पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी झारखंड राज्य के सहायक सचिव महेंद्र पाठक, भाकपा माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद, शुभेंदु सेन, मासस के मिथिलेश सिंह, सुशांतो मुखर्जी, एस एस यू आई के मिटु पासवान, सुमित राय, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव अजय कुमार सिंह, माकपा के जिला सचिव सुखनाथ लोहरा, भाकपा माले के जिला सचिव भुवनेश्वर केवट, माकपा के राज्य सचिव मंडल के सदस्य प्रकाश विप्लव, वरुण कुमार उपस्थित थे।
इसी तरह राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश यादव, महिला नेत्री दयामणि बारला, भाकपा के फर्जाना फारुकी, प्रफुल्ल लिंडा, वीरेंद्र कुमार, नदीम खान, मेहुल मृगेंद्र, नौरीन अख्तर, सीटू के एसके राय, अलोका कुजूर, सच्चिदानंद मिश्रा, टीएसी के पूर्व सदस्य रतनतिर्की, रातू प्रखंड के प्रमुख सुरेश मुंडा, माकपा नेता भवन सिंह, हाफ मैन सोसाइटी के फादर महेंद्र पीटर आईकेएफ के अंशु टोप्पो आयशा किनौरी, नगर साझा नागरिक मंच के कविंद्र कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता बलराम जी सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।
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