कबाड़ी की राशि स्वच्छता दीदीयों को सीधे भुगतान किये जाने छमुमो का प्रदर्शन

द कोरस टीम

 

उन्होंने  निगम के अधिकारी व सेन्टर सुपरवाईजरों पर गंभीर आरोप लगाते हुवे कहा कि 4 वर्षों की कबाड़ी बेचकर राशि गबन की गयी उक्त राशि को मजदूरों को भुगतान कराये जाने तथा वर्तमान में सेंटर के सदस्यों को कबाड़ी बेचने व राशि अर्जित करने के लिए निर्देशित करने का ज्ञापन अवर सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, कलेक्टर, राजनांदगांव व आयुक्त, नगर निगम के लिए तहसीलदार को सौंपा है।

नेताओं ने कहा कि नगर निगम राजनांदगांव के अधिकारी व सेन्टर सुपर वाईजरों द्वारा श्रमिकों की फर्जी हाजरी दर्ज करके वेतन की राशि बैंक से निकलवाकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। बदले में विरोध करने वाले श्रमिकों (स्वच्छता दीदीयों) को प्रताडि़त किया जा रहा है।

हद तो तब हो गई जब परेशान करने ट्रांसफर किया जा रहा है, उस पर रोक लगाई जाने तथा निगम के अधिकारी दीपक श्रीवास्तव  राहूल, सेंटर सुपर वाईजर प्रभा सोनकर, जागेश्वरी साहू, अनीता फ्रांसीस, संगीता साह को हटाकर जांच करने की तत्काल मांग की है।

बताया गया कि राजनांदगांव के मीलचाल सेंटर में डोर-टू-डोर कलेक्शन की रशीद बुक गायब कर दी गई। 23 हजार रुपये रूपये फर्जी तरीके से चोरी होना बताया गया। टुल्ल पम्प गायब कराया गया। 7 हजार रुपये क्वींटल गोबर पानी में बहने संबंधी फर्जीवाड़ा किया गया जबकि गोबर पानी में बहा ही नहीं इस तरह शासन को तथा मजदूरों को भी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

बागड़े ने कहा कि  शासन की योजना के अनुसार पशुधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी केन्द्र बनाये गये उसके लिए नये श्रमिकों को भर्ती कराने के बजाए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में कार्यरत श्रमिकों को गोबर खरीदी में ले जाया जा रहा है। इससे वार्ड का कचरा कलेक्शन का कार्य प्रभावित होता है, इस कारण श्रमिकों को 8 घंटे से अधिक 9'0 घंटा काम करवाया जा रहा है।

उसकी मजदूरी मात्र दो सौ रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है। शासन द्वारा निर्धारित 360 रुपये प्रति माह 9,720 रुपयेकी दरे से भुगतान कराये जाये तथा कर्मचारी भविष्य निधि व कर्मचारी राज्य बीमा निगम का लाभ दिलाये की मांग ज्ञापन में प्रमुखता के साथ रखा गया है।

मांगों में बताया गया है कि कचरा संग्रहण केन्द्र के श्रमिकों को पिछले 4 वर्षो से नगर पालिक निगम आयुक्त द्वारा बैंक के माध्यम से वेतन भुगतान किया जा रहा है। उसे जारी रखा जाये तथा वर्तमान में मई 2021 का वेतन समूह सोसायटी द्वारा किया गया।

उस पर रोक लगाई जाये तथा श्रमिकों के लिए 8 घंटे का ड्यूटी सुबह 7.30 से 3.30 या सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक ड्यूटी निर्धारित की बात की गई है। अत: विनम्र निवेदन है कि 4 वर्षों की कबाड़ी की राशि श्रमिकों को भुगतान करने की बात की गई है।

गौरतलब है कि नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 11 सितम्बर 2019 के आदेश में स्पष्ट कहा है कि मासिक मानदेय के अतिरिक्त, डोर टू डोर कलेक्शन में संग्रहित पुनर्चक्रित किये जाने योग्य पदार्थों को भी संबंधित स्वसहायता समूहों के सदस्यों को प्रोत्साहन के रूप में नि:शुल्क प्रदान किया जावेगा, जिसका विक्रय कर वे स्वयं के लिए अतिरिक्त राशि अर्जित कर सकेंगे। 

नगरीय प्रशासन के पत्र में यह भी उल्लेख है कि कम्पोस्ट के विक्रय से प्राप्त आय निकाय के खाते में जमा की जावेगी तथा उसका उपयोग मात्र मिशन क्लीन सिटी के कार्यों के लिए किया जायेगा। 

छमुमो तथा ऑल इंडिया सेन्ट्रल काऊंसिल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव बागड़े ने कहा कि ऑफ ट्रेड यूनियन्स (एक्टू) शहर को साफ सुथरा रखने डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन में 400 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है। उसका निगम के अधिकारी द्वारा शोषण किया जा रहा है।

इसलिए श्रमिकगण अपने-अपने सेन्टरों से छुट्टी के बाद शाम 4 बजे स्टेट स्कूल वाले मैदान में इकट्ठे हुए। वहां से छमुमो के नेतृत्व में निगम पहुंचकर धरना दिए धरना दिये। इस दौरान घोटाले की जांच करो, फर्जीवाड़े की एफ.आई.आर. दर्ज करने, 4 वर्षों की कबाड़ी की राशि मजदूरों को भुगतान करने, घोटालेबाजों को गिरफ्तार करने की बात नारों के माध्यम से करते रहे।

धरना के दौरान 200 से अधि श्रमिक उपस्थित थे। छमुमो के अध्यक्ष भीमराव बागड़े, भिलाई से एजी कुरैशी, किसान नेता सुदेश टीकम, विरेन्द्र उके, द कोरस के संपादक उत्तम कुमार, ऑल इण्डिया सेन्ट्रल काऊंसिल ऑफ ट्रेड यूनियन्स के राष्ट्रीय सचिव विजेन्द्र तिवारी आदि वक्ताओं ने सभा कोसंबोधित किया। सभा का संचालन तुलसी देवदास व पुनाराम साहू ने किया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि निगम के अधिकारी अपने निजी हितों के लिए शासन के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे है। गरीब मजदूरों के हिस्से की रोटी हड़प रहे हैं मजदूरों की फर्जी हाजरी डारकर वेतन की राशि निकाल रहे है इस तरह बड़ा घोटाला किया जा रहा है।

इस संबंध में लिखित आवेदन के बावजूद निगम के बड़े अधिकारी समस्या के निराकरण हेतु गंभीर होने के बजाए फर्जीवाड़े को मौन समर्थन कर रहे है इसलिए घोटालेबाजों के खिलाफ एफआईआर. दर्ज करने की मांग किये है।


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