कोरोना वॉरियार कचरा संग्रहण श्रमिकों के अधिकारों के साथ खिलवाड़

द कोरस टीम



छमुमो ने कोविड महामारी में पूरे समय काम करने वाले कचरा संग्रहण कर्मचारियों की मांग उठाते हुये कहा है कि नगर पालिक निगम राजनांदगांव के कचरा संग्रहण केन्द्रों के श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, भविष्य निधि, बीमा मुहैया कराने में अनियमितता बरत रही है और इस तरह शासन के द्वारा कोरोना वॉरियर श्रमिकों के साथ भेदभाव बरता जा रहा है।

छमुमो के अध्यक्ष व आल इंडिया सेन्ट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड युनियन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भीमराव बागड़े  ने ‘द कोरस’ को कहा है कि नगर पालिक निगम राजनांदगांव के 17 कचरा संग्रहण केन्द्रों में करीब 436 से अधिक महिला व पुरुष श्रमिक पिछले 4 वर्षों से कार्यरत है, लेकिन श्रमिकों को प्रति माह वेतन मात्र 6,000 रुपये की दर से भुगतान किया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 9,720 रूपये की दर से भुगतान होना चाहिए जो हो नहीं रहा है। 

साथ ही मोर्चा ने दोहराया है कि सभी श्रमिकों को कर्मचारी भविष्य निधि योजना का लाभ दिलाया जावें। इसके साथे ही श्रमिकों को राज्य कर्मचारी बीमा निगम योजना का लाभ भी मिलना चाहिये।

मोर्चा ने आरोप लगाया है कि श्रमिकों के हाजिरी व वेतन हेराफेरी हो रही है उसकी प्राथमिकता के साथ जांच की जावे तथा प्रताडि़त करने की नियत से किया गया स्थानांतरण पर रोक लगाई जावें।

मोर्चा ने यह भी कहा है कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना गोबर खरीदी केन्द्रों में हो रही धांधली पर रोक लगाई जावें। तथा दो माह का रोका गया वेतन दिलाया तुरंत दिलाया जावें।

मोर्चा नेताओं मीडिया से कहा है कि खुलेआम श्रम कानूनों की अवहेलना हो रही है। श्रमिकों को हाजरी पत्रक, वेतन पर्ची दिलाई जावें तथा राष्ट्रीय व त्योहारी छुटटी का लाभ दिलाया जावें। श्रमिकों को सुरक्षा के उपकरण ड्रेस (साड़ी), जुती वर्ष में दो जोड़ी दिलाया जावें तथा टोपी, मास्क, दस्ताना, साधून, सेनेटाइजर आवश्यकतानुसार दिलाया जावें।

राजनांदगांव कलेक्टर के सामने धरना दे रहे महिला तथा पुरूष कचरा संग्रहकों के हित में कहा है कि शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन 9720 रूपये की दर से भुगतान किया जाये। मोर्चा ने आरोप लगाया है कि जायज अधिकार तो दूर उलटे साबुन, सेनेटाईजर, दस्ताना, मास्क, टोपी को मजदूरों को वितरण के बजाए बेचा जा रहा है विरोध करने वाले मजदूरों को 8 से 10 किलोमीटर दूर ट्रांसफर कर महिला मजदूरों को पैदल चलने कर काम करने के लिये मजबूर किया जा रहा है।

इस संबंध में श्रमिक नेता बागड़े ने कहा है कि जिला कलेक्टर व श्रम पदाधिकारी को 5 मई को मांग पत्र सौंपा गया था। श्रम पदाधिकारी द्वारा नगर निगम को पत्र 17 मई को जारी कर जवाब प्रस्तुत करने निर्देशित किया गया है किन्तु अभी तक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।

इसलिये 3 जून को संबंधित सभी सफाई कर्मचारी कलेक्टर कार्यालय के सामने फ्लाई ओव्हर के नीचे सैकड़ों की संख्या में एकत्रित होकर अपनी मांगों को पूरा कराने नारेबाजी करते हुये मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। 

बहरहाल कोरोना वारियर के नाम पर इस भयानक समय में जान को जोखिम में डाल कर घर-घर से कचरा संग्रहण कर रही है विशेषकर जिन घरों में कोराना पॉजिटिव हैं उनके घरों से भी कचरा संग्रहण का कार्य जान जोखिम में डाल कर रहे श्रमिकों के साथ सरकार के प्रतिनिधियों को चाहिये कि इनके हित में उचित कदम उठाते हुवे उनके देय तनख्वाह और सुविधाओं पर गौर करते हुवे उनके साथ किये जा रहे प्रताडऩा को गंभीरता से लें। साथ ही दोषी अधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही की जावें।

ज्ञापन सौंपने वालों में भीमराव बागड़े, तुलसी देवदास, पुनाराम साहू सहित बड़ी संख्या में कचरा संग्रहण श्रमिक शामिल थे। 


Add Comment

Enter your full name
We'll never share your number with anyone else.
We'll never share your email with anyone else.
Write your comment

Your Comment

  • 28/06/2021 Punaram sahu

    बहुत बढ़िया सर जी

    Reply on 30/06/2021
    Punaram sahu