दो दिनों से छापेमारी की जद में राजनांदगांव
पहले ईडी की छापेमारी और अब सीबीआई की दबिश
दक्षिण कोसल टीमराजनांदगांव शहर पिछले दो दिनों से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा छापेमारी की जद में हैं। खबरों की माने तो पिछले दिनों ईडी ने नाहटा और भंसाली के ठिकानों पर छापेमारी की थी। और आज खबर यह हैं कि राजनांदगांव के ममता नगर स्थित रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी अनमोल ऊके के निवास पर सीबीआई की टीम जांच कर रही है।
अनमोल ऊके रेलवे के भिलाई-चरोदा क्षेत्र में पदस्थ वरिष्ठ अधिकारी बताए जा रहे हैं। हाल ही में भिलाई-3 स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में भी सीबीआई की टीम ने उनके कार्यालय में जांच की थी। बताया जा रहा हैं कि टीम ने सीनियर रेलवे अधिकारी अनमोल ऊके के कार्यालय में संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला हैं।
बताया जा रहा हैं कि मामला कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी से संबंधी शिकायतों की जांच से जुड़ा हो सकता है। हालांकि ममता नगर में चल रही कार्रवाई को लेकर सीबीआई की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
बताया जा रहा हैं कि अनमोल ऊके रेलवे के भिलाई-चरोदा क्षेत्र में सीनियर डीएमई (वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर) के पद पर तैनात हैं। छापेमारी के दौरान सीबीआई टीम ने भिलाई-3 स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में उनके कार्यालय की भी जांच की। यहां टीम ने संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड को खंगाला। अधिकारी के आवास पर जांच की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।
यार्ड में बाहरी लोगों का प्रवेश बंद
जानकारी यह भी हैं कि कार्रवाई इतनी गोपनीय रखी गई कि पीपी यार्ड के मुख्य गेट को बंद कर दिया गया और किसी भी रेल अधिकारी या कर्मचारी को भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। जिस वक्त दबिश दी गई, उस समय दफ्तर में बिल और मेंटेनेंस से जुड़ी फाइलें मौजूद थीं। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि रिश्वत की रकम बरामद हुई है या नहीं।
पहले भी विवादों में रहा है भिलाई का पीपी यार्ड
खबरों की माने तो यह पहला मौका नहीं है जब भिलाई का पीपी यार्ड सीबीआई के रडार पर आया हो। वर्ष 2023 में भी भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद सीबीआई ने इस यार्ड को सील कर दस्तावेजों की जब्ती की थी।
चंद महीने पहले ही रायपुर रेल मंडल में खेल कोटे से नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ऐंठने के मामले में भी सीबीआई ने छापेमारी की थी।
बहरहाल बात यह है कि सीबीआई की कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले ईडी की टीम ने भी राजनांदगांव के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। सूत्र कहते हैं कि ईडी की मौजूदा कराईवाई को जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जांच से जोडक़र देखा जा रहा हैं।
हांलाकि ईडी की ओर से अब तक कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत अधिकारिक बयान सामने नहीं आया हैं। लगातार दो केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई से शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हैं।
सीबीआई के आधिकारिक बयान का इंतजार है। एजेंसी की ओर से जानकारी सामने आने के बाद कार्रवाई के कारण और जांच के दायरे को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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