बौद्ध कल्याण समिति की कमान राजकुमार बारमाटे ही संभालेंगे
फर्म्स एवं सोसायटी ने दी मंजूरी
सुशान्त कुमारलंबे समय से चल रही अटकलों और दो पक्षों में चले रहे वैधानिक विवाद का पटाक्षेप हो गया। छत्तीसगढ़ की प्रमुख सामाजिक संस्थाओं में से एक राजनांदगांव जिला बौद्ध कल्याण समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी आखिरकार राजकुमार (राजू) बारमाटे ही संभालेंगे।
समिति की नियमावली (बायलॉज) की अलग-अलग व्याख्या के कारण पूर्व में दो अलग-अलग चुनाव संपन्न हुए थे, जिसके चलते अध्यक्ष पद को लेकर विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस मामले में राजकुमार बारमाटे एवं उनकी कार्यकारिणी को वैधानिक मान्यता दिए जाने के विरुद्ध बायलॉज से हटकर चुनावी प्रक्रिया का हवाला देते हुए दीपांकर खोब्रागढ़े के द्वारा अपील प्रस्तुत की गई थी।
प्रकरण की सुनवाई माननीय विद्धान मुख्य रजिस्ट्रार के समक्ष सम्पन्न हुई, जिसमें कार्यकारिणी के 21 सदस्यों को उत्तरवादी बनाया गया। और अंतत: 28 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार राजकुमार बारमाटे की अध्यक्षता में गठित कार्यकारिणी को सहायक पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएँ, दुर्ग संभाग दुर्ग के द्वारा रिकार्ड पर लिया गया था।

उनके आदेश को मान्य किया जाकर दीपांकर खोब्रागड़े की प्रस्तुत अपील को खारिज कर दिया गया है। इसी के साथ अपील प्रकरण का निराकृत करते हुए राजकुमार बारमाटे को अधिकृत अध्यक्ष की हरी झंडी फर्म्स एवं सोसायटी द्वारा दे दिया गया है।
समिति की नियमावली एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के उपरांत सक्षम प्राधिकारी ने पुन: राजकुमार बारमाटे एवं उनकी कार्यकारिणी को अपने अभिलेखों में दर्ज करते हुए वैधानिक मान्यता प्रदान की। इस प्रकार नियमावली के अनुरूप संपन्न चुनाव प्रक्रिया को वैध माना गया तथा 7 फरवरी 2026 को निर्वाचित राजकुमार बारमाटे के नेतृत्व वाली कार्यकारिणी पर अंतिम वैधानिक मुहर लगा दी गई।

लगभग 35 हजार बौद्ध समाज की आबादी वाले राजनांदगांव शहर में अब बौद्ध कल्याण समिति का नेतृत्व राजकुमार (राजू) बारमाटे के हाथों में रहेगा। बौद्ध कल्याण समिति की कार्यकारिणी में-अध्यक्ष राजकुमार बारमाटे, उपाध्यक्ष दीपक कोटांगले, चंचल राहुल, सचिव केएल टांडेकर, कोषाध्यक्ष देवपाल रामटेके, सहसचिव डीपी लोन्हारे, पन्नालाल वासनिक, शैलेश ठावरे, राजकुमार नागदेवे, जीवनलाल गजभिये, अमर सिंह वासनिक, सीएल शुक्ला, नीलेश रामटेके, आदर्श वासनिक, डॉ. विजय ऊके, घनश्याम वाल्मीकि, गणेशराव बोरकर, अशोक खंडेलवाल शामिल हैं।
समाज के लोगों ने आशा व्यक्त की है कि उनके नेतृत्व में समिति सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएगी।

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