कोल्हान नितिर तुरतुंग: आदिवासी समाज के प्रगति में उत्थान का दरवाजा

आदिवासियों के बीच तेजी से बढ़ता निजी स्वयंसेवी संस्था

सुशान्त कुमार

 

शिक्षा एक ऐसी चाबी है जिससे दुनिया की हर बंद दरवाजा खुलती है, रोजगार के नए नए अवसर मिलते है, डाक्टर, इंजीनियर, वकील, कलेक्टर, वैज्ञानिक बनते हैं, मान सम्मान इज्जत ऐश्वर्य बढ़ती है और जीवन जीने की कला बदल जाती है। हर जलते दीए के नीचे अंधेरा होता है, हर रात के पीछे एक नया सवेरा होता है, लोग डर जाते हैं मुश्किलों को देख कर, पर हर मुश्किलों के पीछे ही तो सफलता का सवेरा होता है। अगर आप सफल होना चाहते हैं तो अपने अंदर छिपे प्रतिभा को पहचानिए। जिन्दगी एक खेल है यदि आप एक खिलाड़ी की तरह खेलते हैं तो जीत सकते हैं और यदि दर्शक की तरह देखते हो तो सिर्फ ताली बजा सकते हो पर जीत नहीं सकते।

जीवन में वही व्यक्ति असफल होता है जो सोचता तो है पर करता नहीं है। वे सपने सच नहीं होते जो रात को सोते समय देखे जाते हैं, पर वे सपने सच होते हैं जिसके लिए आप सोना छोड़ देते हैं। जीवन में हर असंभव दिखने वाला काम जो संभव कर दिखाता है, उसे ही प्रतिभा कहते हैं। केन्द्रीय अध्यक्ष माझी राम जामुदा  ‘दक्षिण कोसल’ से कहते हैं कि आज के निजीकरण के दौर में यदि स्थाई नौकरी न भी मिले तो कौशल विकास प्रशिक्षण कराकर विद्यार्थियों को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाया जा सके, वे कहते हैं कि मुझे विश्वास हैं आप में जोश हैं, जुनून हैं, प्रतिभा हैं और कर सकते हैं।

जामुदा का मानना है कि -आप के पीछे हमारी कुशल प्रबंधन समिति, समाजिक शुभचिंतक सदस्यगण और श्रेष्ठ गुरुजन मार्गदर्शन के लिए खड़े हैं। इसलिए डरो मत, जागो, उठो और दौड़ो क्योंकि हमारे पास इतना समय नहीं है कि वह आपको दुबारा समय दे सके। अत: समय का सदुपयोग करें आप जरूर सफल होंगे और कामयाब होंगे। 

परिचय

कोल्हान नितिर तुरतुंग (केएनटी) दक्षिण झारखंड राज्य के कोल्हान प्रमंडल में उभरता हुआ एक समाजिक-सह-शैक्षणिक संस्थान है। यह संस्था सोसाइटी पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत पंजीकृत है। कोरोना काल (कोविड - 19) के दौरान यह संस्था कोल्हान कोरोना रिलीफ टीम (केसीआरटी) के नाम से मानव सेवा के लिए प्रसिद्ध था, जिसे कोरोना समाप्ति के बाद अब कोल्हान नितिर तुरतुंग (केएनटी) के नाम से आदिवासी गरीब बच्चों के लिए निशुल्क शिक्षा, कोचिंग, फिजिकल ट्रेनिंग और कौशल विकास पर कार्य कर रही है। इसका विधिवत उद्घाटन 1 नवंबर 2020 को मानकी मुंडा सभागार चाईबासा में समाज के शिक्षित बुद्धिजीवी वर्ग, नौकरी पेशा, समाजसेवी और मानकी मुंडा संघ ने मिलकर संपन्न किया है।

उद्देश्य

इसका मुख्य उद्देश्य कोल्हान में समाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए और गांव गांव तक रोजगारोन्मुक शिक्षा की रोशनी फैलाने तथा गरीब और जरूरत मंद नवयुवकों को निशुल्क कोचिंग, ट्रेनिंग, मार्गदर्शन देना ताकि अधिक से अधिक संख्या में गरीब बच्चे पढ़ लिख कर रोजगार प्राप्त कर सकें और कोल्हान में सर्व सुविधायुक्त एक विकसित समाज का निर्माण हो।

कार्यप्रणाली/उपलब्धियां 

संस्था को नियमित और सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी नियमावली है जिसके अनुसार 20 सदस्यों की अनुभवी केन्द्रीय प्रबंधन समिति गठित है। संस्था के अधीन तीन उपकेन्द्र चाईबासा, चक्रधरपुर, और कुचाई में संचालित है जिसके लिए सभी केन्द्रों में अलग अलग स्थानीय निगरानी समिति गठित है। कुल मिलाकर 500 से भी अधिक विधार्थी नि:शुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जिसके लिए 13 शिक्षक/प्रशिक्षक सवैतनिक नियुक्त हैं। फंड प्रबंधन के लिए संस्था के सदस्यों द्वारा प्रतिमाह 200 रुपया अनुदान राशि संस्था के खाते में जमा की जाती है। जिससे शिक्षको को मानदेय, पुस्तकें पाठ्य सामाग्री फर्नीचर और अन्य जरुरत की चींजे खरीदी जाती है। 

सेना में बहाली के लिए कौशल विकसित करने का सिखाया गुर

काफी हर्ष की बात है कि न्यूनतम संसाधन के साथ कम समय में ही संस्था के द्वारा निशुल्क शिक्षा प्राप्त अबतक 51 उम्मीदवारों ने अग्नीवीर सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, असम राइफल्स, और केन्द्र तथा राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्तियों प्राप्त कर चुके हैं जो निम्नलिखित है।

शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए सम्मान

(1) 2019 न्यूज खजाना की ओर से कोरोना (कोविड - 19) संक्रमण के दौरान असाधारण मानवीय सेवा, सहायता और जीवन रक्षा के लिए प्रमाण पत्र।
(2) 2020 अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से कोरोना (कोविड -  19) संक्रमण के दौरान मानवीय सहायता, साहस और राहत व बचाव कार्य में त्याग की भावना के लिए प्रशंसा प्रमाण पत्र।
(3) 2020 भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की ओर से कोरोना (कोविड '9) संक्रमण के दौरान जरूरतमंदों के लिए विशाल रक्तदान शिविर आयोजित कर हजारों की जान बचाने के लिए सेवा प्रमाण पत्र।
(4) 2021 सिंहभूम आदिवासी समाज, रांची की ओर से शिक्षा और सामाजिक उत्थान के लिए सम्मान प्रमाण पत्र।
(5) 2023 विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आदिवासी ‘हो’ समाज महासभा के बैनर तले कलेक्टर द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए सम्मान प्रमाण पत्र।(6) 2023  आल इंडिया हो बैंकर्स एसोसिएशन, चाईबासा की ओर से रक्तदान शिविर में लगातार अमूल्य योगदान के लिए सम्मान प्रमाण पत्र।
(7) 2023 नेशनल एजुकेशन ब्रिलियंस अवार्ड, नई दिल्ली की ओर से राज्य सभा सांसद के द्वारा कोल्हान आदिवासी क्षेत्र में रोजगारोन्मुख शिक्षण, प्रशिक्षण और रोजगार मे अपूर्व सफलता के लिए मान्यता प्रमाण पत्र।
(8) 2024  अखिल भारतीय आदिवासी हो समाज युवा महासमाज एवं सेवा निवृत्त संगठन के संयुक्त तत्वाधान में शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य के लिए उपायुक्त महोदय के हाथों से सम्मान प्रमाण पत्र।
(9) 2024 पिपुल वेलफेयर एसोसिएशन, चक्रधरपुर द्वारा रक्तदान - महादान शिविर में शामिल होकर जागरुकता अभियान के लिए प्रतीक चिन्ह व मेमेन्टो।

भविष्य की योजनाएं

भविष्य में यह संस्था अपनी कार्यक्षेत्र को विस्तार करते हुए ग्रामीण स्वरोजगार, उन्नत कृषि, बागवानी, रक्तदान शिविर, महिलाओं एवं बच्चों का टीकाकरण, नशामुक्ति, अंधविश्वास, प्रौढ़ शिक्षा, अंधविश्वास पर रोक के लिए जागरुकता अभियान, सूक्ष्म-लघु-मध्य उद्योग तथा सिलाई प्रशिक्षण, कम्प्यूटर प्रशिक्षण, मोटर ड्राईविंग और घरेलू इलेक्ट्रिक वायरमैन आद कौशल विकास की ओर कार्यक्षेत्र को बढ़ाते हुए ग्रामीण जनता को स्वरोजगार तथा सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रेरित, प्रोत्साहित और प्रशिक्षित करेगी साथ ही आईटीआई, डिप्लोमा और कम्प्यूटर जैसे टेक्निकल कार्यों पर अधिक ध्यान देगी ताकि मल्टी स्कील कान्सेप्ट के आधार पर सरकारी नौकरी न भी मिले तो स्व रोजगार के जरिये अपना व परिवार का भरण पोषण कर सके।

बताते चले कि कोल्हान आदिवासी बाहुल संभागीय क्षेत्र का नाम जहां विल्किंसन थामस रूल चलती है। अंग्रेज इस क्षेत्र को जीत नहीं सके अंतत: अंग्रेजी कप्तान विल्किंसन थामस ने आदिवासियों से मिलजुल कर आदिवासियों का रहन सहन संस्कृति का अध्ययन किया और आदिवासियों को स्वायत्त शासन का अधिकार दिया।

बहरहाल झारखंड राज्य के आदिवासी बाहुल कोल्हान प्रमंडल क्षेत्र में आदिवासी नौकरी पेशा, सेवानिवृत्त, शिक्षित, बुद्धिजीवी, समाज सेवियों के सहयोग से शिक्षा और रोजगार व स्वरोजगार को बढाने के लिए 10 वीं, 12 वीं व ग्रेजुएट बेरोजगारों को निशुल्क कोचिंग, फिजिकल ट्रेनिंग, मार्गदर्शन देते हैं और प्रतियोगिता परीक्षा में सफल होने के लिए टिप्स देते हैं ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवकों को रोजगार मिल सके और अन्य प्रदेशों में पलायन को रोका जा सके।


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