दूसरों का फंड में हक मार ‘महतारी वंदन योजना’ का पैसा बांट रही सरकार

अब तक साढ़े पंद्रह करोड़ की लूट पर खुलासा

दक्षिण कोसल टीम

 

यह सनसनीखेज खुलासा आरटीआई के माध्यम से बस्तर के आदिवासी तथा आरटीआई कार्यकर्ता उमेन्द्र शोरी के द्वारा मांगी गई जानकारी में नजर आया है। शोरी ने ‘दक्षिण कोसल’ को बताया है कि अनुसुचित जनजाति योजना से अब तक 4 अरब 71 करोड़ 20 लाख 2200 रुपए, अनुसूचित जाति योजना से 4 अरब 56 करोड़ रुपए तथा महिला बाल कल्याण योजना की 6 अरब 20 करोड़ 30 लाख 50 हजार रुपए अर्थात कुल 15 अरब 47 करोड़ 50 लाख 52 हजार 200 रुपए महतारी वंदन योजना में खर्च की गई है।

शोरी ने कहा है कि यह फंड की लूट है। विकास के नाम एसटी/एससी/महिला एवं बाल कल्याण फंड का सरासर विनाश हो रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक  सरकार ने बड़ी सफाई के साथ अनुसूचित जनजाति उपयोजना, अनुसूचित जाति उपयोजना और महिला एवं बाल कल्याण से संबंधित व्यय का कुल 15,47,50,52,200 रुपए (पंद्रह अरब सैतालीस करोड़ पचास लाख बावन हजार दो सौ रुपए) राशि छत्तीसगढ़ की नवनिर्मित सरकार ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और महिला एवं बाल कल्याण का फंड निकाल कर महतारी वंदन योजना के नाम पर बांट चुकी है। 

उन्होंने लगाए गए आरटीआई के पत्र क्रमांक (एफ/3-23/2023/मबावि/50 पार्ट नवा रायपुर, 23 फरवरी 2024, सुभाष कुजूर, अवर सचिव छत्तीसगढ़ शासन महिला एवं बाल विकास) (1018/14/ऑनलाइन/आरटीआई/2024, नवा रायपुर, 01 मई 2024, नीलम देवांगन, जनसूचना अधिकारी, महिला एवं बाल विकास; इंद्रावती भवन, ब्लॉक - 01, द्वितीय तल, नवा रायपुर, अतल नगर (छत्तीसगढ़) का हवाला देते  हुए इस संबंध में सम्पूर्ण जानकारी से ‘दक्षिण कोसल’ को अवगत कराया है। ‘दक्षिण कोसल’ के पास आरटीआई से निकाले गए सारे दस्तावेज उपलब्ध हैं।

 

 

शोरी ने कहा है कि संसद द्वारा पारित सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन  9 मार्च के तहत प्रदत्त अधिकार में सूचना का अधिकार में अधिनियम 2005 की धारा 6(1), 6(3) के तहत सूचना उपलब्धता कराने के संबंध में इस महत्वपूर्ण जानकारी को संबंधित विभाग लोक जन सूचना अधिकारी महिला बाल विकास विभाग मंत्रालय, महानदी भवन नया रायपुर, अटल नगर, छत्तीसगढ़ से प्राप्त किया है। 

यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ के वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ‘लाडली बहन योजना’ के तर्ज पर ‘महतारी वंदन योजना’ की घोषणा कर छत्तीसगढ़ की जनता को अधिक भ्रमित किया है और छत्तीसगढ़ के राजकीय कोष लूटने की तैयारी कर रखा है।

आरटीआई में इन बिंदुओं में मांगी गई जानकारी

1) महतारी वंदन योजना के तहत से जिस फंड से 1000 रुपया प्रति माह दिया जाएगा उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
2) महतारी वंदन योजना के नाम पर जिस फंड का निर्माण किया गया है उसकी प्रमाणिक प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
3) महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ राज्य कोष से जितना फंड इस योजना पर खर्च होगा उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
4) महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिस नियम के तहत और जिस फंड के आधार पर घोषणा की उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
5) महतारी वंदन योजना के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी जमीन जायदाद बेचकर जितना फंड छत्तीसगढ़ के राजकीय कोष में जमा किया है उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
6) महतारी वंदन योजना के नाम पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनता के द्वारा दिए गए टैक्सों के पैसों पर योजना बनाने और पैसों की बर्बादी जिस नियम के तहत और जिस आधार पर कर रहे हैं उसकी प्रमाणित प्रति उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर ने इस सनसनीखेज खुलासे में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि दूसरों का हक मार महतारी वंदन योजना का पैसा बांट रही भाजपा सरकार।

 

 

क्या है महतारी वंदन योजना?

देश में महिलाओं के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई जाती हैं, इनमें से कुछ योजनाएं केंद्र सरकार की होती हैं तो कुछ राज्य सरकारें अपने स्तर पर चलाती हैं। इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को उनके कारोबार में मदद से लेकर हर महीने आर्थिक मदद तक देने की गारंटी की जाती है। छत्तीसगढ़ सरकार की तरफ से भी महिलाओं के लिए ऐसी ही एक योजना चलाई जा रही है, जिसमें हर साल महिलाओं को 12 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। इस योजना का नाम ‘महतारी वंदन योजना’ रखा गया है।

इस योजना के लिए आवेदन की एक तारीख तय की गई थी, जिसमें वो तमाम महिलाएं आवेदन कर सकती थीं जिनका बैंक में खाता हैं। 20 फरवरी तक आवेदन स्वीकार किए गए। 29 फरवरी तक आवेदनों की जांच की गई है और इसमें किए गए दावों का निपटारा होता गया। इसके बाद 8 मार्च को सभी महिलाओं के खाते में एक हजार रुपए डाले गए। हर महीने ये राशि महिलाओं के खाते में आ रही है। 

ये महिलाएं कर सकती थीं आवेदन

इस योजना में आवेदन करने वाली महिलाओं की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। विवाहित महिलाओं को ही इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ की मूल निवासी महिलाओं को ही योजना का लाभ मिलेगा। आवेदन के लिए पति और पत्नी का आधार कार्ड और महिला का पैन कार्ड देना होता है। इसके अलावा बैंक खाता आधार कार्ड के साथ लिंक होना जरूरी है। महिला के पास मोबाइल नंबर होना भी जरूरी है। 

 

 

राज्य सरकार के मुताबिक इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक तौर पर मजबूत करना और परिवार स्तर पर निर्णय लिये जाने में महिलाओं की प्रभावी भूमिका को प्रोत्साहित करना है।  विधवा और तलाकशुदा महिलाएं भी इस योजना में आवेदन कर सकती हैं। 

बहरहाल पहले भी खुलासा हो चुका है कि ट्राइबल फंड को शिक्षा विभाग में स्थानांतरित किया जा चुका है और इस खुलासे के बाद स्पष्ट हो गया है कि सरकार पहले भी बने बनाए अनुसूचित जाति/जनजाति और महिलाओं की तरक्की में लगे फंड और हेड का दुरूपयोग कर वोट बटोरने की सस्ती राजनीति के तहत बजट और उसके विकास के लिए लगाए गए फंड का बेशर्मी के साथ इस्तेमाल कर रही है। 


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